सरकार ने विमानन क्षेत्र के लिए नई नियामक संस्था के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मौजूदा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जगह लेने वाली नई सिविल एविएशन अथॉरिटी से जुड़ा विधेयक आगामी बजट सत्र में संसद आ सकता है।
नागर विमानन मंत्रालय ने विधेयक की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है, जिसमें नई अथॉरिटी का दायरा ज्यादा विस्तृत रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा मंत्रालय एयरलाइनों द्वारा मनमाने तरीके से अनुचित किराया वसूलने पर अकुंश लगाने के तरीके भी तलाश रहा है।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री अजित सिंह का कहना है कि सिविल एविएशन मंत्रालय अथॉरिटी से जुड़े विधेयक की रुप रेखा तैयार करने में जुटा है। इसे आगामी बजट सत्र के दौरान संसद में पेश करने की पूरी तैयारी है। उल्लेखनीय है कि एविएशन की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने इस क्षेत्र के लिए नया नियामक बनाने का फैसला किया है। फिलहाल इसकी जिम्मेदारी डीजीसीए के ऊपर है, लेकिन इसका दायरा मुख्य तौर पर सुरक्षा मामलों तक ही सीमित है।
सिविल एविएशन अथॉरिटी के अलावा मंत्रालय हवाई किराए के निर्धारण में पारदर्शिता लाने के लिए एक अलग प्रकोष्ठ (सेल) बनाने पर भी विचार कर रही है। अजित सिंह का कहना है कि हवाई किराए एयरलाइंस ही तय करेंगी, लेकिन इसकी पारदर्शी व्यवस्था बनाने और निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।