बहुचर्चित नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) घपले की कई परतें 12 सितंबर को खुल जाएंगी। मामले की जांच कर रहे दो कार्यदल जल्द ही एनएसईएल पर अपनी रिपोर्ट देंगे।
मंगलवार को आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने मामले की जांच से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से जांच में हुई प्रगति की जानकारी ली।
इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राजन कटोच, कॉरपोरेट मामलों के सचिव नावेद मसूद, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के.सी. चक्रबर्ती और उपभोक्ता मामलों के सचिव पकंज अग्रवाल भी मौजूद थे।
बैठक के बाद अरविंद मायाराम ने बताया कि एनएसईएल की गड़बड़ियों की जांच के लिए बने दोनों कार्यदल आगामी 12 सितंबर को अपनी रिपोर्ट देंगे। इनमें से एक दल ईडी निदेशक और दूसरा आरबीआई के डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में बना है।
एनएसईएल घपले में हजारों निवेशकों के करीब 5600 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। एक्सचेंज की भुगतान योजना बुरी तरह नाकाम हो रही है। इसके गोदामों में स्टॉक न होने और सदस्य कंपनियों में कई तरह के फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं।
विदेशी एक्सचेंजों में एनएसईएल का पैसा
प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एनएसईएल का पैसा कई विदेशी कमोडिटी एक्सचेंजों में लगे होने की जानकारी मिली है। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी चल रही है।
उधर, सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) भी एनएसईएल के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर चुका है। एनएसआईओ ने एनएसईएल से वेयरहाउस में उसके स्टॉक की जानकारी और प्रमाण मांगे हैं।