देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने आज एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में नारायण मूर्ति को पांच साल के लिए अपना एग्जिक्यूविट चेयरमैन बनाने का एलान किया। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
कंपनी ने बीएसई को दिए गए बयान में कहा कि के वी कामत अपने पद से हट जाएंगे और बोर्ड के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
इंफोसिस के मुताबिक बोर्ड ने यह कदम वैश्विक स्तर पर टेक चुनौतियों से निपटने के लिए उठाया है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए नारायण मूर्ति ने कहा, 'यह फैसला अचानक हुआ। लेकिन इंफोसिस मेरे बच्चे की तरह है। इसलिए मैंने मौजूदा योजनाओं को किनारे रखकर यह जिम्मेदारी संभालना स्वीकार किया है।'
उन्होंने कहा, 'मैं चेयरमैन कामत, बोर्ड और इंफोसिस के हर कर्मचारी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इस योग्य समझा। मैं इन चुनौतीपूर्ण हालात में कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए जो बन पड़ेगा, वह करूंगा।'
मूर्ति के 2011 में कंपनी से रिटायरमेंट लेने के बाद कामत ने यह पद संभाला था। इन दिनों इंफोसिस मुश्किल दौर से गुजर रही है।