उत्तराखंड के नैनीताल निवासी 30 वर्षीय तुहिन भटनागर ने लंदन के ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंक में वाइस प्रेजीडेंट के पद पर नियुक्ति पाकर पूरे देश का मान बढ़ाया है।
मशहूर कंप्यूटर कंपनी आईबीएम के लिए सॉफ्टवेयर डिजाइन कर चुके तुहिन अपनी प्रतिभा और कार्य के प्रति लगन के चलते ही इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
सरोवर नगरी में जन्मे तुहिन इंटर की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चले गए। यागनेंद्र पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ से इंटर करने के बाद तुहिन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
तुहिन के भीतर कुछ कर गुजरने का ही जज्बा था कि वह आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए। वर्ष 2001 में आस्ट्रेलिया से एक वर्षीय डिप्लोमा इन बिजनेस कंप्यूटरिंग के बाद तुहिन ने कान्वेंटरी यूनिवर्सिटी इंग्लैंड से चार वर्षीय बैचलर इन बिजनेस कम्प्यूटिंग ऑनर्स की डिग्री हासिल की।
इसके बाद वर्ष 2007 से 2010 तक तुहिन ने इंग्लैंड की विभिन्न कंपनियों में काम किया। इस दौरान ब्रिटिश पेट्रोलियम बीपी कंपनी में तुहिन का बतौर सीनियर कम्प्लाएंस एनालिस्ट के रूप में चयन हो गया।
इसी माह उनकी लंदन के ग्लोबल इंवेस्टमेंट लिमिटेड में बतौर वाइस प्रेजीडेंट नियुक्ति हुई है। पिछले सोमवार को ही वाइस प्रेसिडेंट बने तुहिन ने कार्य भार संभाला।
छोटी उम्र से ही कंप्यूटर के मास्टर थे तुहिन
तुहिन के पिता फार्मेसिस्ट एनके भटनागर कहते हैं कि तुहिन का कंप्यूटर के प्रति अत्यधिक ज्ञान की वजह से ही आज तुहिन इस मुकाम पर है।
भटनागर के अनुसार छोटी उम्र में ही वह कंप्यूटर का मास्टर बन गया था। उनके अनुसार जब तुहिन 13 वर्ष का था जब उसके ताऊ जितेंद्र भटनागर पहले हिंदुस्तानी थे जो कोनकार्डिन विवि कनाडा में वाइस चांसलर थे।
ताऊ समेत परिवार में अन्य रिश्तेदारों से प्रेरणा लेते हुए ही तुहिन ने उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रूख कर प्रदेश का मान बढ़ाने की सोच रखी थी।
नोएडा से एमबीए कर रही तुहिन की छोटी बहिन तान्या भटनागर, पिता एनके भटनागर समेत बनबसा इंटर कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्या तुहिन की माताजी मीनाक्षी भटनागर बेटे की इस उपलब्धि से काफी गदगद हैं।