बारह और आठ साल के दो भाइयों को घर पर अकेला छोड़ना उनके मां बाप को बहुत भारी पड़ गया। छोटे भाई ने टीवी पर फांसी देखकर उसके बारे में पूछा तो बड़े भाई ने समझाने के लिए फांसी लगा कर दिखाई इसी बीच दुर्घटनावश बच्चे की मौत हो गई।
मामला इंदौर के प्रजापति नगर का बताया गया है। यहां लोडिंग वाहन चलाने वाला लक्ष्मण और उसकी पत्नी कांतिबाई काम के लिए घर से बाहर गए तो अपने दोनों बेटों अरविंद (12) और सुनील (8) को घर पर छोड़ गए। तेरह साल की बेटी प्रीति भी मां के साथ काम पर गई थी और दोनों बच्चे घर पर टीवी देख रहे थे।
पुलिस के मुताबिक सुनील ने बताया कि टीवी पर एक व्यक्ति को फांसी लगाते देख उसने अरविंद से पूछा कि भैया फांसी कैसे लगा लेते हैं। अरविंद ने कहा कि वो बताता है कि फांसी कैसे लगाते हैं और दोनों भाई रसोई में जा पहुंचे।
सुनील ने बताया कि अरविंद रस्सी का टुकड़ा लेकर रसोई की स्लैब पर चढ़ गया और छत पर लगे हुक में फंदा डालने लगा। जब छत तक हाथ नहीं पहुंच पाया तो अरविंद टांड (परछत्ती) पर चढ़ गया और हुक में फंदा डालकर गले में पहन लिया। इसी बीच अरविंद का पैर फिसला और वो टांड से गिरकर फांसी पर झूल गया।
सुनील ने बताया कि अरविंद को फंदे पर तड़पते देख वो बहुत डर गया और रोते हुए घर से बाहर भाग आया। जब तक पड़ोसियों को खबर मिली, अरविंद की मौत हो चुकी थी।
अस्पताल में अरविंद की लाश लेने पहुंचे लक्ष्मण और कांति बाई का रो रो कर बुरा हाल था। वहीं सुनील बेहद सदमे में बताया जा रहा है। लक्ष्मण का कहना है कि वो रोज ही घर पर इन दोनों को छोड़ कर जाते थे। पहले प्रीति घर पर रहकर भाइयों की देखभाल करती थी लेकिन अब प्रीति भी मां के साथ लकड़ी का बुरादा बेचने जाने लगी थी।