देश के 18 जिलों में रसोई गैस ग्राहकों को शनिवार से से एलपीजी सिलेंडर बुक कराने पर अपने बैंक खातों में 435 रुपए की कैश सब्सिडी मिलनी शुरू हो गई। सब्सिडी बिल घटाने और लीकेज रोकने के लिए यह नई स्कीम शुरू की गई है।
रसोई गैस के लिए डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर जिन जिलों में आज से शुरू की गई है, उनमें आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, चित्तूर, पूर्वी गोदावरी, हैदराबाद और रंगा रेड्डी, दमत दिउ में दिउ, उत्तरी गोवा, हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर, हमीरपुर और उना, कर्नाटक में तुमकुर, केरल में पथनाम्थिटा और वायनाड, महाराष्ट्र में वर्धा, पोंडीचेरी, पंजाब में नवांशहर, मध्य प्रदेश में पूर्वी निमाड़ और हरदा शामिल है।
आइए जानें कि यह स्कीम कैसे काम करती है
:- सरकार के मुताबिक इस स्कीम के तहत 1 अप्रैल, 2014 से करीब 10 करोड़ गरीब परिवारों को 32 हजार रुपए सालाना का भुगतान होगा। इस मद में सरकार सालाना 3.20 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।
:- इन जिलों का चयन बैंक शाखाओं की संख्या और राज्य सरकार की अनुशंसा के आधार पर किया गया है।
:- लाभार्थी लोगों का बैंक एकाउंट आधार कॉर्ड से खुलेगा। आधार कॉर्ड के इस्तेमाल से कोई शख्स एक योजना का लाभ दो बार नहीं ले पाएगा।
:- इस योजना को राजस्थान में केरोसीन तेल और कर्नाटक में रसोई गैस के मामले में पहले से लागू है।
:- मौजूदा सिस्टम में सरकार की जेब से सब्सिडी निकलती तो है, लेकिन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच नहीं पाती। इसका बड़ा हिस्सा बिचौलियों की जेब में चला जाता है। साथ ही सरकारी योजनाओं का फायदा भी आम लोगों तक देर में पहुंचता है। उम्मीद है कि इस स्कीम से यह लीकेज कुछ हद तक रुकेगा।