वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ने जनवरी 2016 तक खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6 फीसदी से नीचे लाने पर सहमति जताई है।
अगले वर्ष तक खुदरा मुद्रास्फीति की दर 4 फीसदी तक लाने का लक्ष्य तय किया गया है। मॉनीटरी पॉलिसी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर 20 फरवरी को हस्ताक्षर किए गए हैं और इसका प्रमुख तौर पर मकसद ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।
एग्रीमेंट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक जनवरी 2016 तक महंगाई 6 फीसदी से कम के स्तर पर लाने के लक्ष्य पर काम करेगा। 2016-17 और इसके बाद के वर्षों के लिए लक्ष्य 4 फीसदी होगा।
यह समझौता आरबीआई गर्वनर को मुद्रास्फीति का लक्ष्य हासिल करने मौद्रिक नीति से जुड़े उपायों पर फैसले लेने का खुला अधिकार देता है। इसके तहत अगर आरबीआई लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाता है तो उसे केंद्र सरकार को इस बारे में एक रिपोर्ट देनी होगी।