महंगाई से जूझ रहे आम उपभोक्ता के लिए वित्त मंत्री पी.चिदंबरम का 2013-14 का बजट राहत देने वाली नहीं रहा है। साबुन, तेल, टूथ पेस्ट जैसे एफएमसीजी उत्पादों के साथ टीवी, फ्रिज एसी जैसी घरेलू जरूरत की चीजों के दामों में कोई कमी नहीं की गई।
इसके उलट आम आदमी के लिए एसी रेस्टोरेंट में खाना-पीना, स्मार्टफोन खरीदना, सेट टॉप बॉक्स खरीदना महंगा जरूर कर दिया गया। सिगरेट, सिगार पर 18 फीसदी तक उत्पाद शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही लग्जरी बाइक और एसयूवी गाडियों का शौक रखना महंगा होने वाला है।
हां, उपभोक्ता के लिए अच्छी खबर यह है कि रेडीमेड कपड़े, हाथ से बने कॉरपेट, जूट और नारियल के रेशे से बने टेक्सटाइल फ्लोर आदि नए वित्त वर्ष से सस्ते हो जाएंगे। कच्चा रेशम महंगा हो गया है। हाइब्रिड व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल के कलपुर्जों में मिलने वाली विशेष छूट साल मार्च 2015 तक जारी रहेगी।
कर छूट के तहत रत्न और कीमती पत्थरों पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी, कॉटन के बने गारमेंट पर शून्य फीसदी उत्पाद शुल्क कर दिया गया है। इसी तरह सेट टॉप बॉक्स पर सीमा शुल्क 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। कच्चे रेशम पर सीमा शुल्क 5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया है।
सोने का खास तौर से शौक रखने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब वह विदेशों से ज्यादा सोना बिना कोई ड्यटी दिए ला सकेंगी। नए प्रावधान के तहत महिलाएं एक लाख रुपये तक का और पुरुष 50 हजार रुपये तक का ड्यूटी फ्री सोना ला सकेंगे।
वित्त मंत्री ने महंगी गाड़ियों की तरह महंगे घरों का शौक रखने वालों के लिए भी महंगाई और बढ़ा दी है। नए वित्त वर्ष से 2000 वर्ग फुट या उससे ज्यादा के क्षेत्र में बने घर या फ्लैट या फिर ऐसे घर या प्लैट जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, उन्हें अब सर्विस टैक्स में मिलने वाली छूट घट गई है।
नए प्रावधान के तहत इस तरह के घरों पर अब 75 फीसदी की जगह 70 फीसदी ही छूट मिलेगी। इसी तरह यदि आप अपने घर में संगमरमर लगाना चाहते हैं तो वह भी आपको अब महंगा पड़ेगा। संगमरमर पर लगने वाला उत्पाद शुल्क प्रति वर्ग फुट 30 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया है।
कुल मिलकार इस बजट में शौकीन लोगों की जेब ढीली करने के प्रावधान कर दिए गए हैं। इसके तहत दो हजार रुपये से ज्यादा की कीमत वाले मोबाइल फोन पर अब छह फीसदी उत्पाद शुल्क लगेगा।
लग्जरी वाहन जो कि आयात किए जाते हैं उनके तहत 800 सीसी या उससे ज्यादा की क्षमता वाले वाहन पर सीमा शुल्क 60 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी, याट और उसके समान दूसरे वाहन पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी और लक्जरी कारों पर 100 फीसदी सीमा शुल्क कर दिया गया है।