हरियाणा की तरह पूरे देश में मकान की छतों पर सोलर पावर की स्थापना करना अनिवार्य हो सकता है। नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने देश के सभी राज्यों से मकानों की छतों पर सोलर पावर लगाने की अनिवार्यता की सिफारिश की है।
छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए बैंक से मिलने वाले कर्ज को होम लोन में शामिल किए जाने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। एमएनआरई की सिफारिश पर यह फैसला किया गया था।
एमएनआरई सूत्रों के मुताबिक सोलर पैनल को छतों पर लगाने को अनिवार्य करना या नहीं करना राज्य सरकार पर निर्भर करता है। लेकिन केंद्र सरकार इस नियम को सभी राज्यों के लिए लागू करवाने के पक्ष में है। मंत्रालय की तरफ से मकान की छतों पर सोलर पैनल लगाने की शर्त को अनिवार्य करने के लिए पत्र लिखा गया है।
हरियाणा में इस साल एक जनवरी से 500 गज या इससे अधिक क्षेत्रफल वालेे मकान की छतों पर सोलर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इन मकानों पर इस साल सितंबर तक सोलर पैनल लगाने का निर्देश दिया गया है।
हरियाणा सरकार का यह फरमान सभी निजी मकान, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, बिल्डर अपार्टमेंट्स, मॉल, कार्यालय, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, स्कूल, अस्पताल के लिए मान्य होगा।
इन जगहों पर कम से कम एक किलोवाट क्षमता सोलर पैनल लगाना होगा। एक किलोवाट सोलर पैनल से प्रतिदिन 4.5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है जिससे चार-पांच घंटे तक तीन पंखे, सात ट्यूब लाइटें व एक कूलर को चलाया जा सकता है। इस निर्देश का पालन नहीं करने वालों को 10,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है।