रुपये में गिरावट होने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दखल दिए जाने के वित्त मंत्री पी चिदंबरम के आश्वासन के बाद रुपये में हुई रिकवरी ने बीते सत्र में भारी-भरकम गिरावट झेलने वाले घरेलू शेयर बाजार की धारणा पर काफी सकारात्मक असर डाला।
आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी लिवाली होने से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 55 अंक की बढ़त लेकर 18,774.24 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 11.75 अंक के सुधार के साथ 5,667.65 अंक पर रहा।
एमसीएक्स एसएक्स के प्रमुख सूचकांक एसएक्स-40 में 19.53 अंक की बढ़त रही और यह 11,138.38 अंक पर बंद हुआ। हालांकि छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में करोबार मंदा रहने से बीएसई का मिडकैप सूचकांक 78.06 अंक घटकर 6, 037.60 अंक पर और स्मॉलकैप 20.77 अंक नीचे 5,717.30 अंक पर बंद हुआ।
बीएसई के समूहों में इसके टेक, ऑटो, पावर, तेल एंव गैस वर्ग मुनाफे में रहे, जबकि धातु, रीयल्टी, बैकिंग, कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर और एफएमसीजी वर्ग में बिकवाली के चलते नरम रही।
बीएसई में कुल 2,462 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 982 में बढ़त रही, जबकि 1,342 में नुकसान में रहे। बाकी 138 में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में ओएनजीसी ने सबसे ज्यादा 2.56 फीसदी लाभ कमाया, जबकि जिंदल स्टील 8.06 फीसदी गिरावट के साथ सबसे ज्यादा घाटे में रही।
लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयरों में मारुति, हीरो मोटोकार्प, एयरटेल, टीसीएस, कोल इंडिया, टाटा पावर, एचडीएफ, सिप्ला, विप्रो, बाजाज ऑटो, गेल इंडिया और महिंद्रा के शेयर 0.11 से 2.56 फीसदी मुनाफे में रहे।
नुकसान उठाने वालों में हिंडाल्को, सनफार्मा, स्टरलाइट, आरआईएल, एसबीआई, टाटा मोटर्स, हिन्दुस्तान यूनि, भेल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी और एचडीएफसी बैंक 0.13 से 4.20 फीसदी गिरावट के साथ शामिल रहे।