अमेरिकी आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अगले साल तक वैश्विक स्तर पर अपने 18,000 तक कर्मचारियों की छंटनी करेगी। भारतीय मूल के सत्या नाडेला द्वारा माइक्रोसॉफ्ट के नए सीईओ का कार्यभार संभालने के बाद से यह पहली बड़ी छंटनी होगी। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस छंटनी का भारत पर बहुत कम असर होगा।
माइक्रोसॉफ्ट के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है और उसकी कोशिश क्लाउड और मोबाइल डिवाइसेस का विस्तार करने की है। माइक्रोसॉफ्ट के करीब चार दशक के इतिहास में यह एक सबसे बड़ी छंटनी होगी। इसके तहत नोकिया डिवाइसेस और सर्विसेज से करीब 12,500 कर्मचारी कम किए जा सकते हैं। इनमें प्रोफेशनल और फैक्ट्री वर्कर्स दोनों शामिल होंगे।
गत 30 जून 2013 तक माइक्रोसॉफ्ट में करीब 99,000 पूर्णकालिक कर्मचारी थे। इनमें से 58,000 अमेरिका और 41,000 वैश्विक स्तर पर कार्यरत थे। हालांकि, इनमें नोकिया सौदे के बाद कंपनी में शामिल हुए कर्मचारियों की संख्या शामिल नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस वर्ष अप्रैल में 7.2 अरब डॉलर के सौदे के तहत नोकिया के हैंडसेट कारोबार का अधिग्रहण किया था।
कर्मचारियों को लिखे पत्र में नाडेला ने कहा कि हमारी उम्मीदों के अनुरूप कंपनी को तैयार करने की दिशा में पहला कदम अपने कार्यबल को पुनर्गठित करना है। इसे ध्यान में रखते हुए अगले साल तक हम अपने कुल कर्मचारियों की संख्या में 18,000 तक की कमी करेंगे।
भारत पर कंपनी की रिस्ट्रक्चरिंग के बारे में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि भारत में हमारे करीब 6,500 कर्मचारी हैं, जिनमें नोकिया के कर्मचारी भी शामिल हैं। इस छंटनी का भारत पर बहुत कम होगा।