दूरसंचार विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि 2जी और 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी 25 फरवरी 2015 से शुरू होगी। इस नीलामी से सरकार ने 64,840 करोड़ रुपए की आमदनी का लक्ष्य रखा है।
हम आए दिन 2जी और 3जी के बारे में तो सुनते ही रहते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इनका मतलब क्या होता है? आइए जानते हैं क्या होता है 1जी, 2जी, 3जी और 4जी नेटवर्क का मतलब-
4जी मोबाइल नेटवर्क
मोबाइल के विकास में चौथी पीढ़ी (4th जनरेशन) के मोबाइल नेटवर्क को 4जी कहते हैं। 4जी नेटवर्क के तहत 100MBPS से 1GBPS तक की स्पीड आती है। इस स्पीड से एक सामान्य मूवी चंद सेकेंड में ही डाउनलोड हो सकती है। आपको बता दें कि सामान्य मूवी 600-700MB की होती है।
1जी से हुई थी शुरुआत
3जी- मोबाइल नेटवर्क की तीसरी पीढ़ी को 3जी नेटवर्क कहा जाता है। इसमें डेटा की स्पीड 384KBPS- 2MBPS के बीच होती है। 3जी में वॉयस और वीडियो कॉल, फाइल ट्रासंफर, इंटरनेट, ऑनलाइन टीवी जैसी सभी सुविधाएं मिलती हैं।
2जी- 2जी नेटवर्क मोबाइल नेटवर्क की दूसरी पीढ़ी थी, जिसके आने के बाद बहुत सारी चीजें आसान हो गई थीं। इसमें सिग्नल डिजिटल तरीके से भेजे जाने के कारण कॉलिंग की गुणवत्ता बेहतर हुई। साथ ही, 2जी नेटवर्क में डेटा ट्रांसमिशन आसान हो गया। 2जी नेटवर्क 1990 के दशक में लोगों के बीच आया, जिसने पूरी दुनिया में लोगों को मोबाइल से कनेक्ट किया।
1जी- जैसा कि नाम से स्पष्ट हो रहा है, 1जी मोबाइल नेटवर्क की पहली पीढ़ी थी। इस नेटवर्क में सिग्नल एनॉलॉग तरीके से भेजे जाते थे। आपको बता दें कि 1जी नेटवर्क के जरिए सिर्फ वॉयल कॉलिंग औस मैसेजिंग हुआ करती थी और यह सर्विस कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही उपलब्ध थी। यह मोबाइल नेटवर्क 1981 में देश में शुरू हुआ था।