जापान की सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) अपनी सहायक इकाई के जरिए गुजरात के मेहसाणा में मारुति सुजुकी के लिए कारों का उत्पादन करेगी। मारुति सुजुकी के बोर्ड ने एसएमसी की ओर से पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। सुजुकी की इस सहायक इकाई का नाम सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड होगा।
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कि हाल ही में एसएमसी जापान की ओर से गुजरात में सुजुकी की 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली इकाई के जरिए प्लांट लगाने का प्रस्ताव मिला था।
बोर्ड ने मंगलवार को बैठक में यह फैसला किया कि गुजरात में उत्पादन इकाई स्थापित करने का यह उपयुक्त समय है और बोर्ड ने सुजुकी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सुजुकी की सहायक इकाई सुजुकी मोटर गुजरात मारुति सुजुकी के लिए कांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग करेगी और केवल उसे ही अपने प्रोडक्ट बेचेगी।
हालांकि, मारुति सुजुकी के निवेशकों में इस फैसले का नकारात्मक संकेत गया और कंपनी के शेयरों में आठ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर कंपनी के शेयर करीब 138 रुपये गिरकर 1,563 पर बंद हुए। माना जा रहा है कि सुजुकी की 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली इकाई लगाने का फैसला मारुति सुजुकी के मुकाबले सुजुकी मोटर के लिए अधिक फायदेमंद साबित होगा।
भार्गव ने बताया कि सुजुकी इकाई मारुति के लिए कारों का बिक्री मूल्य मैन्यूफैक्चरिंग लागत और सभी करों को शामिल कर तय करेगी। सुजुकी प्लांट के लिए जमीन मारुति उसे लीज पर उपलब्ध कराएगी। इस प्लांट की शुरुआती उत्पादन क्षमता एक लाख यूनिट सालाना होगी, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। मारुति सुजुकी ने अपने मैन्यूफैक्चरिंग विस्तार के तहत 2011 में गुजरात में जमीन का अधिग्रहण कर चुकी है।
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के चेयरमैन ओसामु सुजुकी ने बताया कि कंपनी की नई इकाई का नाम सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड होगा और 100 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से इसे शुरू किया जाएगा। सुजुकी मोटर गुजरात का गठन अप्रैल तक हो जाएगा और यह लिस्टेड कंपनी नहीं होगी।
भार्गव ने बताया कि मानेसर प्लांट की तीसरी लाइन का विस्तार करने के बाद अब वहां उत्पादन विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं है। मेरा मानना है कि यह गुजरात में विस्तार करने का उपयुक्त समय है। मारुति सुजुकी का यह भी कहना है कि इस तरह विस्तार करने से निवेश को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उसे नहीं उठाना पड़ेगा।
साथ ही कंपनी को मार्केटिंग नेटवर्क मजबूत करने, नए प्रोडक्ट विकसित करने और अनुसंधान एवं विकास सहित बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए अपने फंड का निवेश करने का विकल्प मिलेगा।