यहां आयोजित देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयर शो ‘एयरो इंडिया 2015’ में वैश्विक और घरेलू कंपनियां भाग ले रही हैं। वहीं भारत का प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा समूह भी रक्षा, नागरिक उड्डयन, एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस इंजीनियरिंग में मैन्यूफैक्चरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा है।
उत्पादों की रेंज में रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोग्राम मैनेजमेंट, मैन्यूफैक्चरिंग और प्रोडक्ट लाइफस्टाइल मैनेजमेंट सहित दूसरे उत्पाद शामिल हैं। रक्षा और अंतरिक्ष टाटा समूह के लिए फोकस एरिया है।
इस सेक्टर में कारोबार कर रही टाटा की कंपनियों की संयुक्त आर्डर बुक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है। सिर्फ 2013-14 में इन कंपनियों ने अपने कारोबार में 320 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस सेक्टर से वित्त वर्ष 2015 में कंपनियों का संभावित राजस्व 2,500 करोड़ रुपये है।
टाटा संस के ग्रुप एग्जीक्यूटिव काउंसिल एंड ब्रांड कस्टोडियन डॉ मुकुंद राजन के अनुसार एयरो इंडिया 2015 रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म है और टाटा समूह अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करते हुए खुशी का अनुभव कर रहा है।
भारतीय रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के साथ टाटा समूह लंबे समय से जुड़ा रहा है। टाटा की कंपनियों ने देश की जरूरतों को पूरा करते हुए और वैश्विक सहयोगियों के लिए सप्लायर्स बन कर इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत की है।
रक्षा और अंतरिक्ष सेक्टर में टाटा समूह के बड़े नामों में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स शामिल है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स टाटा संस की 100 फीसदी स्वामित्व वाली कंपनी है। यह कंपनी रक्षा, अंतरिक्ष और होमलैंड सिक्योरिटी में काम कर रही है।