घरेलू एवं रसोई घर के उपकरणों की निर्माता कंपनी महाराजा व्हाइटलाइन अगले साल बाजार में 100 प्रोडक्ट लाने की तैयारी में है। कंपनी की योजना विदेशी बाजारों में भी भागीदारी बढ़ाने की है। हालांकि, अब इस कंपनी पर फ्रांसीसी मूल की बहुराष्ट्रीय कंपनी ग्रुप सेब की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी हो गई है। कंपनी का कहना है कि इससे विदेशों में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। ग्रुप सेब में विलय के मौके पर अमर उजाला के संवाददाता शिशिर चौरसिया ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुनील वाधवा से खास बातचीत की। पेश है बातचीत के अंश:-
महाराजा व्हाइटलाइन ब्रांड घरेलू बाजार में अपना एक अलग स्थान बना चुका है, ऐसे में इसे फ्रांसीसी कंपनी के साथ विलय की जरूरत क्यों पड़ी?
आपका कहना बिल्कुल सही है। महाराजा व्हाइटलाइन इस समय घरों में काम आने वाले छोटे उपकरण बनाने के क्षेत्र में दूसरा जाना-पहचाना नाम है। दरअसल ग्रुप सेब ने इस कंपनी के 55 फीसदी शेयर नवंबर 2011 में ही खरीद लिया था और शेष 45 फीसदी शेयर अब खरीद लिया गया। जब 100 फीसदी शेयर इसके पास आ गए तो इसका नाम ग्रुप सेब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया।
अब आप एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के अंग हो गए हैं, तो क्या होगी रणनीति?
हमारा प्रमुख ध्यान सर्विस सुधारने और नए प्रोडक्ट की लांचिग पर है। इसी दिशा में हम कार्यरत भी हैं। इस साल तो जितने नए प्रोडक्ट आने थे, आ गए। वर्ष 2015-16 के लिए हमने 100 नए प्रोडक्ट बाजार में उतारने की योजना बनाई है। इसके अलावा हम विदेशी बाजारों पर भी फोकस कर रहे हैं। इसी महीने हमने महाराजा व्हाइटलाइन को नेपाल में लांच किया है। इसके बाद श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान आदि देशों में पहुंच बनाई जाएगी।
इतने नए उत्पाद के लिए क्षमता विस्तार करना होगा?
हिमाचल प्रदेश के बद्दी में हमारी फैक्ट्री 14 एकड़ क्षेत्र में फैली है। वहां ढांचागत संरचना इतना तैयार कर लिया गया है कि कंपनी का कारोबार 1,000 करोड़ रुपये का हो जाए तो वहां उत्पादन हो सकता है। बस, नए प्रोडक्ट के लिए नई लाइन बनानी होगी। इसके लिए हमने 100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है।
अब फ्रांसीसी कंपनी का अंग है महाराजा व्हाइटलाइन। इससे उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
उपभोक्ताओं को फायदा होगा कि उन्हें अब भारत में भी वर्ल्ड क्लास सर्विस मिलेगी। जहां तक हमारे सामान की गुणवत्ता का सवाल है तो वह पहले से ही फ्रांसीसी उत्पाद के बराबर है। हम अब अपने सर्विस को बेहतर करने के लिए सर्विस सेंटरों की संख्या 300 करने जा रहे हैं। इसके अलावा डोर स्टेप सर्विस का भी दायरा बढ़ा रहे हैं।
कोई विदेशी उत्पाद भी भारत में लांच होगा?
ग्रुप सेब के चार ब्रांड दुनिया भर में बिकते हैं। इनमें से हम एक उत्पाद को भारत में भी लांच करेंगे, लेकिन उसमें अभी साल-दो साल की देरी है।