रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना भले ही गरीबों और मध्यम वर्ग को लुभाने में असफल रही है लेकिन केंद्र सरकार के लिए नाक का सवाल बन चुकी इस योजना से फिलहाल किनारा नहीं किया जाएगा।
एलपीजी उपभोक्ताओं के खाते में नकद सब्सिडी भेजने की योजना से जुड़ी समस्याओं को दूर कर इसे फिर से चालू किया जाएगा।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अंतरिम बजट भाषण में इसकी घोषणा की है। लेकिन निकट भविष्य में इस योजना के फिर से बहाल होने की उम्मीद नहीं है।
हकीकत यह है कि जनवरी में योजना पर ब्रेक लगाने के बाद इस गेम चेंजर योजना की अड़चनों को दूर करने के लिए अब तक समिति का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में एलपीजी उपभोक्ताओं को फिर से नकद सब्सिडी लाभ मिलने में देर हो सकती है।