कंपनियों में 30 फीसदी तक हिस्सेदारी के लिए एलआईसी (जीवन बीमा निगम) को अनुमति का लाभ एलआईसी को मिलेगा। इसका अप्रत्यक्ष लाभ निगम के पॉलिसीधारकों को भी मिलेगा। अभी तक एलआईसी कंपनियों में 10 फीसदी तक ही इक्विटी ले सकता था। दस फीसदी की सीमा में रहते हुए एलआईसी ने चालू वित्त वर्ष में 16 हजार करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया।
सूत्रों के अनुसार एलआईसी हर साल करीब दो लाख करोड़ रुपये का निवेश करता है जिसमें से करीब 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश इक्विटी यानी शेयरों में होता है। एलआईसी ने अभी तक 2.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश शेयर बाजार में किया है जिनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
सूत्रों ने बताया कि निगम के निवेश टीम में करीब 150 सदस्य हैं जो काफी गणना के बाद निवेश के लिए कंपनियों का चयन करते हैं। एलआईसी की खासियत यह भी है कि यह छोटी अवधि के लिए निवेश नहीं करता। इसके निवेश 15 से 20 साल के लिए होते हैं। इसलिए एलआईसी के चेयरमैन डीके मेहरोत्रा भी कहते हैं कि एलआईसी द्वारा खरीदे गए शेयर कभी भी घाटे में नहीं आए। इक्विटी निवेश में औसत आय करीब 9.65 फीसदी की रही है।