जूता उद्योग को कुशल श्रमिकों की कमी का दंश अब नहीं झेलना होगा। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन वर्ष 2020 तक बीस लाख कुशल श्रमिक तैयार करेगा। इसके लिए काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट की अंडरटेकिंग में लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएसएससी) गठित की गई है। आगरा के निर्यातक शाहरू मुहसिन को निदेशक बनाया गया है। कॉरपोरेशन 13 करोड़ रुपये की लागत से उद्यमियों से पार्टनरशिप कर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वित्तीय वर्ष 2013 से उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में यह योजना शुरू हो जाएगी।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल देश के 18 औद्योगिक सेक्टरों में वर्ष 2020 तक 50 करोड़ कुशल श्रमिकों को तैयार करेगी। शुक्रवार को निर्यात भवन में हुई काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट और एनडीएससी के अधिकारियों की बैठक में लेदर सेक्टर को भी इसमें शामिल किया गया। लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल के नव नियुक्त निदेशक शाहरू मुहसिन ने बताया कि इस योजना में देश के 25 शीर्ष लेदर सेक्टर के उद्यमियों से समझौता किया जाएगा कि वे प्रशिक्षित लोगों को काम दें। वही उद्योग अपने यहां प्रशिक्षण भी दे सकेंगे।
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए बनाई गई कंपनी में लेदर इंडस्ट्री के अलग-अलग सेक्टरों के उद्यमियों को चुना गया। सीएलई चेयरमैन हबीब हुसैन काउंसिल के प्रबंध निदेशक होंगे। बाजार के अनुसार कारीगरों को तैयार करने के लिए एक्सपर्ट की टीम भी होगी।