चुनावी मौसम में पेट्रोल, डीजल पर राजनीति गर्माने का मौका विपक्षी दलों को नहीं मिले इसलिए सरकार चुनाव खत्म होने तक इनकी कीमतों में इजाफा नहीं करेगी।
बेशक डीजल की खुदरा बिक्री पर तेल कंपनियों का नुकसान 5.49 रुपए से बढ़कर 6.80 पैसा प्रति लीटर हो चुका है। लेकिन सरकार ने तेल कंपनियों को दाम बढ़ाने का संकेत नहीं दिया है।
अब ईंधन की कीमतों में इजाफा चुनाव के अंतिम चरण संपन्न होने के बाद होने की संभावना है।