वित्तीय संकट से जूझ रही विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इंजीनियरों और पायलटों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार तक बंद एयरलाइंस पर नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी कड़ा रुख अपना लिया है।
डीजीसीए का कहना है कि जब तक एयरलाइंस कर्मचारियों के बकाया भुगतान की पुख्ता योजना पेश नहीं करेगी, उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसी बीच, किंगफिशर प्रबंधन ने भरोसा जताया है कि जल्द ही कर्मचारियों को उनका अटका वेतन दे दिया जाएगा और फिर से विमान सेवाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि सुरक्षा मानकों से कतई समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक इंजीनियर काम पर नहीं लौटते हैं, किंगफिशर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूरे मामले पर डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही कोई फैसला होगा। वहीं, एअरलाइंस के सीईओ संजय अग्रवाल और एचआर हेड हितेश पटेल मंगलवार को डीजीसीए अरुण मिश्रा से मिले।
मिश्रा का कहना है कि किंगफिशर को उड़ानें संचालित करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर कंपनी कोई संतोषजनक योजना सामने रखेगी। अग्रवाल का कहना है कि कर्मचारियों का सिर्फ एक वर्ग हड़ताल पर है और 50 फीसदी कर्मचारियों को मार्च का वेतन मिल चुका है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च की बकाया सैलरी अगले कुछ दिनों के अंदर दे दी जाएगी लेकिन उड़ानें फिर से शुरू करने के बारे में कोई भी निर्णय चार अक्तूबर को ही लिया जाएगा। किंगफिशर को भरोसा है कि सोमवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद उसके सील बैंक खाते खुल सकते हैं, जिसमें करीब 60 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बारे में कंपनी ने सीबीडीटी और सीबीईसी से भी गुहार लगाई है।
मुश्किल में मुसाफिर
दूसरे दिन मंगलवार को भी किंगफिशर की सभी उड़ाने रद्द होने से दिल्ली, मुंबई समेत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मैं सबको गलत साबित कर दूंगा: माल्या
किंगफिशर एअरलाइंस की खस्ता माली हालत के बाद उपजी स्थितियों पर यूबी ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या ने फ्रांस से ट्वीट किया है कि मीडिया को मुझे झटका देने में मजा आ रहा है। इन्हें अनाप-शनाप अटकलें लगाने दीजिए। मैं उन सबको गलत साबित कर दूंगा।
ठेके के इंजीनियरों के सहारा
कंपनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, किंगफिशर एअरलाइंस ने हड़ताल पर गए इंजीनियरों की जगह ठेके के इंजीनियरों से काम चलाने की रणनीति बनाई है। इसके लिए एअरवर्क्स नाम की इंजीनियरिंग वेंडर के साथ कंपनी की बातचीत चल रही है।