कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस के करीब 3000 कर्मचारियों की मुश्किलें खत्म लेने का नाम नहीं ले रही है। अपने वादे से मुकरते हुए मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को अब तक मई महीने की सैलरी नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार देर रात तक इन कर्मचारियों के खाते में सैलरी नहीं आई थी, जबकि मैनेजमेंट ने बकाए वेतन का दिवाली तक भुगतान करने का वादा किया था।
उल्लेखनीय है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने अपने कर्मचारियों को मई से सैलरी नहीं दी है। इसके विरोध में इंजीनियर और पायलट एक अक्टूबर को हड़ताल पर चले गए थे। कंपनी के सीईओ संजय अग्रवाल ने कर्मचारियों को दिवाली तक बकाया वेतन देने का पक्का वादा किया, इसके बाद ही कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली थी।
इधर वित्तीय संकट में जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस का घाटा 2011-12 की चौथी तिमाही में बढ़कर 1,151.53 करोड़ रुपये हो गया। ईंधन कीमतों में वृद्धि और रुपये में अवमूल्यन से कंपनी का घाटा बढ़ा है। वित्तवर्ष 2010-11 की इसी तिमाही में कंपनी को 355.55 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।