बैंकों द्वारा बकाया कर्ज की रिकवरी का फैसला लिए जाने के करीब हफ्ते भर बाद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपने कई कर्मचारियों को बकाया वेतन का भुगतान करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही किंगफिशर ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अपने लाइसेंस को बहाल करने के लिए भी संपर्क किया है।
किंगफिशर के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि हम में से कुछ को वेतन के बकाया का भुगतान मिला है। वेतन पाने वालों में ज्यादातर कम वेतन वाले कर्मचारी ही हैं। हालांकि कुछ इंजीनियरों व पायलटों को भी बकाया वेतन मिला है।
सूत्रों ने यह भी बताया किंगफिशर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संजय अग्रवाल एयरलाइन का परिचालन दोबारा शुरू करने के बारे में डीजीसीए के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के प्रयास के तहत दिल्ली आए हुए हैं। गौरतलब है कि कंपनी ने पिछले साल मई से ही कर्मचारियों को नियमित वेतन देना बंद कर रखा है, जबकि वेतन के भुगतान में देरी तो वित्तीय संकट शुरू होने के काफी पहले अक्तूबर 2011 से ही शुरू हो गई थी।
बकाये पर एएआई सख्त
बकाया राशि के भुगतान को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने कहा है कि उड़ानें दोबारा शुरू करने से पहले किंगफिशर को किसी भी हाल में एएआई का 390 करोड़ रुपये की बकाया राशि अदा करनी होगी। एएआई के चेयरमैन वीपी अग्रवाल ने कहा कि ब्याज और जुर्माने को मिलाकर किंगफिशर पर हमारा 390 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बैठता है। हम दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इसके भुगतान के बारे में आगे बढ़ना चाहते हैं, क्योंकि किंगफिशर ने अबतक इस बारे में जो भी वायदे किए हैं उनको उसने नहीं निभाया है।