किंगफिशर एयरलाइंस की उड्डयन लाइसेंस की वैधता अवधि सोमवार को खत्म हो गई। विमानन नियामक डीजीसीए ने विमानन कंपनी के उड़ान लाइसेंस को निलंबित कर दिया था। हालांकि नियमों के मुताबिक, कंपनी दो साल के भीतर इसे फिर से नवीनीकृत करा सकती है। लाइसेंस के नियमित नवीनीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी।
वित्तीय संकट में फंसी निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए धन की व्यवस्था कैसे होगी के बारे में योजना पेश करने को कहा था। डीजीसीए के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि हमने अभी किंगफिशर के लाइसेंस पर कोई फैसला नहीं लिया है। हम और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि किंगफिशर ने अपने रिवाइवल प्लान के बारे में अभी तक ठोस जानकारी पेश नहीं की है। इसके पट्टादाता और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) जैसे सर्विस प्रोवाइडर आग्रह कर रहे हैं कि जब तक कंपनी सभी बकाया नहीं चुका देती तब तक उसे उड़ान की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
एयर लाइन के सूत्रों ने कहा कि डीजीसीए के नियमों के अनुसार वे शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट (एसओपी) को दो साल के अंदर रिन्यू करा सकते हैं। डीजीसीए ने 20 अक्तूबर को एसओपी को निलंबित कर दिया था।