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किंगफिशर का गतिरोध टूटा, स्टाफ ने खत्म की हड़ताल

Thu, 25 Oct 2012 10:10 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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किंगफिशर एयरलाइंस में करीब एक महीने से चल रहा गतिरोध बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। प्रबंधन के बकाया वेतन का दिसंबर तक भुगतान करने के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का फैसला किया है। प्रबंधन ने तालाबंदी भी हटा ली है। हालांकि एयरलाइंस का परिचालन शुरू होने में तीन-चार सप्ताह का वक्त लग सकता है।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी पर कई देनदारियां हैं। केवल कर्मचारियों का वेतन देने से एयरलाइंस का परिचालन शुरू नहीं हो जाएगा। कंपनी को ऑपरेशन शुरू करने के लिए परिचालन और वित्तीय संकट से निकलने की ठोस योजना पेश करनी होगी। सुरक्षा मामलों पर भी उसे आशंकाओं को दूर करना होगा। इन मुद्दों पर पूरी तरह संतुष्टि के बाद ही डीजीसीए किंगफिशर के उड़ान लाइसेंस का निलंबन वापस लेगा।

प्रबंधन और कर्मचारियों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक के बाद किंगफिशर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी कर्मचारी तुरंत काम पर आने के लिए राजी हो गए हैं। कंपनी ने कहा है कि है कि वह जल्द ही डीजीसीए के समक्ष रिवाइवल प्लान पेश करेगी, जिससे कि एयरलाइंस अपनी उड़ानें शुरू कर सके।
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समझौते के तहत सभी कर्मचारियों को दिसंबर के अंत तक चार महीने का वेतन दे दिया जाएगा। सात महीने के बकाए वेतन में से मार्च महीने का वेतन अगले 24 घंटे में दे दिया जाएगा। अप्रैल महीने का वेतन 31 अक्तूबर तक, मई का दीपावली के पहले और जून महीने का वेतन दिसंबर तक दे दिया जाएगा। प्रबंधन ने बचे तीन महीने का वेतन मार्च 2013 तक देने का आश्वासन दिया है।

इसके पहले प्रबंधन ने कर्मचारियों को तीन महीने तक का वेतन देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे कर्मचारियों ने मानने से इनकार कर दिया था। मालूम हो कि पहले हड़ताली कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर 26 अक्तूबर को फार्मूला वन रेस शुरू होने पर विजय माल्या का घेराव करने की भी चेतावनी दी थी।

30 दिसंबर से बंद हैं उड़ानें
हड़ताल के कारण किंगफिशर की उड़ानें 30 सितंबर से बंद हैं। एक अक्तूबर से कंपनी ने तालाबंदी का ऐलान कर दिया था। ठोस रिवाइवल प्लान न दिए जाने के बाद डीजीसीए ने उसका उड़ान लाइसेंस भी निलंबित कर रखा है। किंगफिशर इस समय 8,000 करोड़ रुपये के घाटे में है, जबकि उस पर 7524 करोड़ रुपये का कर्ज है।

किंगफिशर के सभी टीम मेंबर काम पर लौट आए हैं और पूरा सहयोग कर रहे हैं। कंपनी प्रबंधन पर भरोसा करने के लिए मैं उनका तहे दिल से शुक्रगुजार हूं।--विजय माल्या, यूबी समूह के मालिक
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