अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा के दोबारा चुने जाने से भारतीय आईटी उद्योग बेहतर कारोबारी संबंध की उम्मीद कर रहा है। हालांकि अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी और ओबामा की संरक्षणवादी नीतियों से भारतीय आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री को चिंता भी सता रही है। इसके बावजूद इंडस्ट्री ओबामा से दूसरे कार्यकाल में अपनी अधूरी पड़ी नीतियों को लागू करने और बेहतर कारोबारी माहौल की उम्मीद कर रही है।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी (नैसकॉम) द्वारा जारी किए बयान में कहा गया है कि ओबामा के दूसरे कार्यकाल में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए भारत और अमेरिका को मिलकर नए इनोवेशन करने होगे। साथ ही कुशल मानव शक्ति का विकास करना होगा, जिससे वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो।
मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन फॉर इनफार्मेशन टेक्नॉलजी (मेट) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनवर शाहपूरवाला के अनुसार ओबामा का दोबारा चुना जाना स्थायित्व का संकेत है। ऐसे में हमें पिछले कार्यकाल में ओबामा द्वारा शुरू की गई नीतियों को जो भारतीय इंडस्ट्री के लिए हितकारी है उसे लागू रहने की उम्मीद है। ओबामा के दोबारा चुने जाने से कुल मिलाकर इंडस्ट्री पर सकारात्मक असर होगा।
क्वॉत्रो ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी रमन रॉय के अनुसार ‘ओबामा का दोबारा चुना बीपीओ इंडस्ट्री के लिए काफी अच्छा साबित होगा। ओबामा के सामने अमेरिका में रोजगार में कमी की चुनौतियां है, इसलिए उनकी नीतियां कुछ हद भारतीय कंपनियों को प्रभावित कर सकती है’।