जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एसोसिएटेड जर्नल्स को कर्ज देने के मामले में कांग्रेस की मान्यता समाप्त करने संबंधी अर्जी खारिज करने के चुनाव आयोग के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय किया है।
स्वामी ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने अर्जी खारिज करने से पहले उन्हें पक्ष रखने का मौका नहीं दिया। अर्जी खारिज होने के एक दिन बाद बुधवार को स्वामी ने आयोग को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरी याचिका पर आयोग का जो रुख सामने आया वह बहुत पहले ही मीडिया में लीक हो चुका था।
चुनाव आयोग ने लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता खोई है। मैं अब यह मामला अदालत के समक्ष ले जाऊंगा। उन्होंने लिखा है कि इस मुद्दे पर आयोग को दोनों पक्षों की राय जाननी चाहिए थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
स्वामी ने आयोग को भेजी अर्जी में कहा था कि एसोसिएटेड जर्नल्स को 90 करोड़ रुपये का कर्ज देकर कांग्रेस ने नियमों का उल्लंघन किया है। लिहाजा इस पूरे मामले की सुनवाई कर राष्ट्रीय दल के रूप में कांग्रेस की मान्यता को रद्द किया जाए।