फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारोबार को लगेगें पंख, पांच करोड़ निवेश पर ब्याजमुक्त कर्ज

Sat, 08 Dec 2012 12:58 PM IST
लखनऊ/अजीत खरे
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार नई औद्योगिक इकाइयों को शुरुआती दौर में सहारा देने के लिए उन्हें पांच करोड़ रुपये के निवेश पर बिना ब्याज के कर्ज देगी। इसमें पश्चिमी यूपी के मुकाबले अपेक्षाकृत पिछड़े पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड को खास तवज्जो दी गई है।
विज्ञापन


योजना के तहत कारोबारियों को दस साल तक जमा किए जाने वाले वैट व केंद्रीय बिक्री कर कुल राशि के बराबर का ब्याजमुक्त कर्ज मिलेगा। उद्यमियों को इसका एकमुश्त भुगतान सात साल बाद बिना ब्याज के करना होगा।

द प्रदेशीय इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेरशन ऑफ यूपी लिमिटेड व उप्र वित्तीय निगम द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ पूरे प्रदेश में तो खाद्य प्रसंस्करण, पशु संपदा आधारित इकाइयां तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की औद्योगिक यूनिटें ले सकेंगी, लेकिन पूर्वांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड के कुल 49 जिलों में यह लाभ सभी तरह की नई इकाई लगाने वाले उद्यमियों को मिलेगा।
विज्ञापन


इस योजना का लाभ उन औद्योगिक यूनिटों को भी मिलेगा जो 4 सितंबर या उसके बाद से अपने माल की बिक्री शुरू करेंगी। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों द्वारा 10 साल से उनके द्वारा जो वैट व केंद्रीय कर जमा किया जाएगा, उसकी कुल राशि या सालाना माल की बिक्री की राशि, का दस प्रतिशत, जो भी कम होगा, उसे ब्याजमुक्त लोन के रूप में उपलब्ध होगा। उद्यमी को यह लोन सात साल बाद एकमुश्त वापस करना होगा।

पश्चिमी यूपी के 26 जिलों में यह सुविधा वैसे तो खाद्य प्रसंस्करण, पशु संपदा आधारित इकाइयों तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए उपलब्ध होगी, लेकिन अगर उद्यमी इन जिलों में अन्य क्षेत्रों में यूनिट लगाना चाहते हैं तो उसके लिए निवेश की सीमा 12.5 करोड़ रुपये या उससे अधिक रखी गई है।

इस योजना का मकसद यूपी में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने व शुरुआती वर्षों में उन्हें वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी होकर तरक्की कर सकें। प्रदेश सरकार ने हाल ही तय की नई औद्योगिक नीति-2012 के तहत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली अब जारी की है।
विज्ञापन


लोन के लिए शर्ते
--ब्याजमुक्त लोन का लाभ लेने के बाद लोन के भुगतान की तारीख के अगले पांच साल तक यूनिट बंद नहीं की जा सकेगी।
--अगर लोन तय अवधि के बाद वापस न हुआ तो 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज देना होगा।
--यह सुविधा उन्हीं इकाइयों को मिलेगी जो केंद्र या राज्य सरकार व उसकी संस्थाओं की डिफॉल्टर नहीं होंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें