बेमौसम बारिश और अल-नीनो के प्रभाव से देश के कुछ हिस्सों में सूखा पड़ने की आशंका और खुदरा मुद्रास्फीति की रफ्तार को देखते हुए केंद्र की नई सरकार के लिए महंगाई पर लगाम लगाना प्रमुख चुनौती होगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले चार महीनों से जारी बेमौसम बारिश के कारण गेहूं और चावल के खुदरा दामों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। सब्जियों में भी तेजी देखी जा रही है।
कारोबारियों का कहना है कि चुनावों के कारण सरकार की रबी खरीद प्रक्रिया भी धीमी है। किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ रही है। आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष एक मई तक 1.85 करोड़ टन की गेहूं खरीद की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह आंकड़ा सवा दो करोड़ टन पर पहुंच गया था।