भारतीय वैश्विक स्तर पर अपने साथियों की तुलना में अर्थव्यवस्था, वित्तीय भविष्य और निवेश करने की इच्छा के मोर्चे पर ज्यादा सकारात्मक हैं। डीएसपी ब्लैकरॉक इंडिया इन्वेस्टर पल्स सर्वे के नतीजों से भारतीयों में आशावाद और सकारात्मकता का बहुत ऊंचे स्तर का पता चलता है।
ब्लैकरॉक ग्लोबल इन्वेस्टर पल्स सर्वे के एक भाग के तौर पर भारतीयों में किए गए सर्वे के मुताबिक ज्यादातर भारतीय (56 फीसदी) मानते हैं कि उनकी अर्थव्यव्यवस्था बेहतर हो रही है, जबकि वैश्विक स्तर पर 22 फीसदी लोग ऐसा मानते हैं।
भारतीय अपने वित्तीय भविष्य को लेकर भी सकारात्मक हैं और सर्वे में जवाब देने वालों में से 81 फीसदी भारतीय अपने वित्तीय भविष्य को लेकर सकारात्मक थे, इसकी तुलना में वैश्विक स्तर पर 56 फीसदी लोग अपने वित्तीय भविष्य को लेकर सकारात्मक थे।
ब्लैकरॉक का दूसरा सालाना ग्लोबल इन्वेस्टर पल्स सर्वे यह बताता है कि निवेशक अपनी जिंदगी में निवेश के फैसले कैसे करता है। ब्लैकरॉक ने सिकेरा ग्रुप के साथ मिल कर 20 बाजारों में 27,500 लोगों के बीच सर्वे किया है। इस सर्वे का मकसद निवेशकों की वित्तीय जरूरतों और निवेश के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझना था। 2014 में पहली बार भारत को ग्लोबल इन्वेस्टर पल्स सर्वे में शामिल किया गया है।
यह रिपोर्ट भारत में किए गए सर्वे के निष्कर्षो पर केंद्रित है, जिसमें 1,500 अंग्रेजी बोलने वाले 24 से 74 वर्ष की उम्र के लोगों को शामिल किया गया। सर्वे में शामिल किए गए मुख्य तौर पर शहरी और वित्तीय रूप से जागरूक थे।
सर्वे के निष्कर्षों के मुताबिक भारतीय अपने वित्तीय भविष्य को लेकर सकारात्मक और अपने वित्त को लेकर सहज महसूस करने के साथ और ज्यादा निवेश करना चाहते हैं। भारतीय सक्रिय तौर पर निवेश करते हैं, लेकिन वे निवेश करते हुए सुरक्षित सतत रिटर्न चाहते हैं। भारतीय निवेश के लिए ज्यादा वित्तीय सलाह ले रहे हैं।