देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने गुजरात के कई स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी एक नई पहल की है। इसके तहत इन स्कूलों के विद्यार्थियों को सेटेलाइट के जरिए वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी। छात्रों को शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रसारण के जरिए जानकारियां दी जाएंगी। देश में किसी स्टॉक एक्सचेंज द्वारा शुरू किया गया यह अबतक का पहला ऐसा कार्यक्रम है, जिसके जरिए दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र की शिक्षा दी जाएगी।
एनएसई ने इस कार्यक्रम के लिए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के दौरान गुजरात सरकार के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, गुजरात के वित्त मंत्री सौरभ पटेल, केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव हंसमुख अधिया भी मौजूद रहे।
एनएसई इससे पहले उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम ओर तमिलनाडु में इस तरह का शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। गुजरात में यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त करीब 6,000 स्कूलों में चलाया जाएगा। इसके तहत कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी।
एनएसई की प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी-सीईओ) चित्रा रामकृष्ण ने बताया कि एक्सचेंज इन कार्यक्रमों का सेटेलाइट के जरिए प्रसारण भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशंस के साथ मिलकर करेगा। उन्होंने कहा कि इस कोर्स का उद्देश्य बच्चों को उनकी शिक्षा के शुरुआती दौर में ही वित्तीय क्षेत्र के बारे में जानकारी देकर वित्तीय रूप से जिम्मेदार व समझदार नागरिक बनाया जा सके। एनएसई का यह प्रयास डिजिटल माध्यम से देश के गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के बच्चों को शिक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धता से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि कम अवधि के इस कोर्स के तहत एनएसई के अधिकारी और एक्सपर्ट बच्चों को निवेश, बचत और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी देंगे। ई लर्निंग के तहत इन कार्यक्रमों को देखने के बाद बच्चे अपने स्कूल के अध्यापकों से भी इस बारे में अन्य जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इससे उनमें वित्तीय क्षेत्र और बाजार के बारे में समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।