सूचना प्रौद्योगिकी और इससे संबद्ध सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर अगले वित्तीय वर्ष के दौरान 12-14 फीसदी रह सकती है। साथ ही इस क्षेत्र का निर्यात बढ़कर 84-87 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। आईटी उद्योग के संगठन नास्कॉम ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी पर खर्च और अवसर बढ़ने से आईटी सेक्टर के विकास दर की रफ्तार को 2013-14 में तेजी मिल सकती है। संगठन ने भरोसा जताया है कि आईटी सेक्टर की वृद्धि दर 12-14 फीसदी बनी रहती है, तो निर्यात से अगले वित्तीय वर्ष में आमदनी 84-87 अरब डॉलर हो जाएगी।
दूसरी ओर, घरेलू कारोबार के 13-15 फीसदी की दर से बढ़कर 1.18-1.20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। नास्कॉम के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि भारतीय आईटी-बीएमपी उद्योग ने बीते सालों में तमाम चुनौतियों के दौरान जुझारूपन का परिचय दिखाया है।
आज के इस दौर में तकनीक सभी क्षेत्रों के विकास का आवश्यक हिस्सा है। आईटी इंडस्ट्री अपने ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार लगातार इनोवेटिव प्रोडक्ट पेश कर रही है। इस क्षेत्र का निर्यात 2012-13 में 10.2 फीसदी बढ़कर 75.8 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए नास्कॉम ने पहले सेक्टर की वृद्धि दर के 11-14 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। बाद में नास्कॉम ने सेक्टर के लिए विकास का अनुमान निर्धारित लक्ष्य के निचले स्तर पर ही रहने का अनुमान जताया। वहीं, घरेलू आईटी बाजार सालाना 14.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। आईटी सेक्टर के लिए यूरोप और अमेरिका भारत के प्रमुख बाजार हैं।