मोबाइल फोन पर इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के चलते इस साल आखिर तक अमेरिका को पछाड़कर भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार बन जाएगा। दिसंबर अंत तक भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 30.2 करोड़ तक पहुंच सकती है।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) और आईएमआरबी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल के अंत तक भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 32 फीसदी बढ़कर 30.2 करोड़ पर पहुंच सकती है, जो पिछले साल दिसंबर में 21.3 करोड़ थी।
रिपोर्ट के मुताबिक जून 2015 तक देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 35.4 करोड़ पर पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में भारत इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या के लिहाज से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। फिलहाल 60 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपभोक्ताओं के साथ चीन पहल और 27.9 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ अमेरिका दूसरे स्थान पर है।
आईएएमएआई-आईएमआरबी द्वारा जारी बयान के मुताबिक भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचने में एक दशक से अधिक का समय लगा और तीन साल में यह 10 करोड़ से 20 करोड़ तक पहुंच गई। जबकि, केवल एक साल में उपभोक्ताओं की संख्या 20 करोड़ से 30 करोड़ हो गई। भारत में आज इंटरनेट मुख्यधारा में शामिल है।
ग्रामीण क्षेत्र में 39 फीसदी बढ़े इंटरनेट उपभोक्ता
रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में तेजी से बढ़ी है। देश के शहरी क्षेत्र में जहां इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 29 फीसदी बढ़ी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 39 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 27.8 करोड़ उपभोक्ताओं में से 17.7 करोड़ शहरी क्षेत्र में हैं। दिसंबर 2014 तक शहरी क्षेत्र में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 19 करोड़ और जून 2015 तक 21.6 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, अक्तूबर 2014 में ग्रामीण भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 39 फीसदी बढ़कर 10.1 करोड़ पहुंच गई। यह आंकड़ा दिसंबर 2014 में 11.2 करोड़ और जून 2015 तक 13.8 करोड़ पहुंचने का अनुमान है।