मंगलवार को वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ तौर पर कहा है कि भारत अपने किसानों और उपभोक्ताओं के हितों से किसी तरह का समझौता डबल्यूटीओ के मंच पर नहीं करेगा। भारत सरकार के इस रूख से साफ है कि डब्ल्यूटीओ व्यापार फेसिलिटेशन समझौते को लेकर अभी गतिरोध जारी रहेगा।
सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि खाद्य सुरक्षा मानवता का मुद्दा है। खास तौर पर ऐसे समय में जब अनिश्चितता का दौर है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा को व्यापार के नाम पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उनके अनुसार बिना किसी स्थायी समाधान के भारत और दूसरे विकासशील देशों के लिए खाद्य सुरक्षा जैसे कार्यक्रम चलाना आसान नही होगा।
सीतारमण के अनुसार हमारे किसान ढेर सारी विपरीत परिस्थितियों में कृषि करते हैं। ज्यादातर मानसून के भरोसे होते हैं। ऐसे में उनके हितों की रक्षा करना बेहद अहम है।भारत ने डब्ल्यूटीओ व्यापार फेसिलिटेशन समझौते को मौजूदा स्वरूप में मानने से इंकार कर दिया है। यदि सरकार समझौते को स्वीकार करती है, तो उसके लिए खाद्य सुरक्षा जैसे अभियान को चलाना संभव नहीं होगा।