भारतीय अर्थव्यवस्था 2050 तक दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो सकती है। यह उम्मीद यूनाइटेड किंगडम (यूके) की ग्लोबल फर्म प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (पीडब्लूसी) ने अपनी एक रिपोर्ट में जताई है। रिपोर्ट में अगले तीन-चार दशकों के दौरान ग्लोबल अर्थव्यवस्था के आर्थिक ढांचे में भारी फेरबदल होने की भी बात कही गई है।
रिपोर्ट में पीडब्लूसी के मुख्य अर्थशास्त्री जॉन हॉक्सवर्थ ने कहा है कि आने वाले दशकों में विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाएं विकसित देशों की तुलना में ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेंगी। इसके चलते 2050 तक जहां भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, वहीं अमेरिका को पछाड़ते हुए चीन नंबर 1 पर आ सकता है।
इसके अलावा ब्राजील द्वारा जापान से आगे निकल कर चौथे पायदान पर काबिज होने की भी संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के अलावा अगले कुछ दशकों में तुर्की यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर सकता है। साथ ही इंडोनेशिया, नाइजीरिया और वियतनाम की अर्थव्यवस्थाएं भी विकास की राह पर तेजी से कदम बढ़ा कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच सकती हैं।