ऊर्जा मंत्रालय विद्युत पारेषण की व्यवस्था को बेहतर बनाने और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन पर दबाव कम करने के लिए नए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। मंत्रालय की योजना देश की विद्युत पारेषण प्रणाली को मजबूत करने की है, ताकि पिछले साल हुई ग्रिड फेल जैसी घटनाओं को टाला जा सके।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बिजली फेल होने जैसी स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थित पारेषण प्लानिंग की आवश्यकता है। ऊर्जा सचिव पी. उमा शंकर ने बताया कि राज्यों में विद्युत उत्पादन क्षमता में अच्छी खासी बढ़ोतरी होने वाली है, लेकिन कोई व्यवस्थित पारेषण योजना नहीं है। हमें पारेषण प्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए नए नियम बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा विद्युत उत्पादन स्टेशनों की मध्यम और लंबी अवधि के लिए उपयोग की जरूरत है। इसे देखते हुए पारेषण प्लानिंग जरूरी है। वर्तमान में केंद्रीय पारेषण कंपनी पावर ग्रिड देशभर में पारेषण की जरूरतों को संभालती है। मध्यम से लंबी अवधि के मुक्त उपयोग से मतलब यह है कि पावर ग्रिड निजी कंपनियों, कारोबारियों, थोक खरीदारों आदि को पारेषण लिंक की आपूर्ति करेगा।