भारत की अर्थव्यव्स्था इस वर्ष 20 खरब डॉलर तक पहुंच सकती है, जबकि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आकार पांच वर्ष बाद यानी 2019 में 30 खरब के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने अपने ताजे वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में यह बात कही है।
2019 में भारत की अर्थव्यवस्था मौजूदा 10 वें स्थान से बेहतर हो कर दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। आईएमएफ के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वर्ष अलगभग 20 खरब डॉलर हो जाएगी। 2013 में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 1.88 खरब डॉलर था।
पिछले वर्ष भी भारत दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक था। आईएमएफ के मुताबिक 174.2 खरब डॉलर के आकार के साथ अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। इसके बारद 103.5 खरब डॉलर के साथ चीन की अर्थव्यवस्था दूसरे स्थान पर होगी।
इस बीच अनुमान है कि भारत की अर्थव्यव्स्था 2019 तक रूस, ब्राजील और इटली को पीछे छोड़ कर लगभग 30 खरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी। इससे भारत दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
अनुमान है कि 2019 में ब्राजील की अर्थव्यवस्था का आकार 28.9 खरब डॉलर होगा वहीं रूस और इटली की अर्थव्यवस्थाओं का आकार क्रमश:25.9 ख्ररब डॉलर और 24.5 खरब डॉलर होगा। आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट मेें कहा गया है कि विश्वास बढ़ने और प्रभावी नीतियों के कारण भारत आर्थिक सुस्ती से उबर चुका है।
भारत की विकास दर 5 फीसदी से अधिक रहने की उम्मीद है। पिछले दो वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 5 फीसदी से कम रही है। चुनाव के बाद भारत में निवेशकों का विश्वास बढ़ने से सरकार को बहु प्रतीक्षित आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने का मौका भी मिला है। मई में आम चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नई सरकार बनी है।