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मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार 10 माह में सबसे तेज

Mon, 03 Feb 2014 04:14 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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आर्थिक सुस्ती और कोर सेक्टर के आठ उद्योगों की धीमी रफ्तार के बीच अच्छी खबर है कि मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में एक बार फिर से काफी तेजी से रफ्तार लौट रही है।
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एचएसबीसी के सर्वे के मुताबिक जनवरी 2014 में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 10 माह की सबसे तेज ग्रोथ देखने को मिली है। सेक्टर में यह तेजी निर्यात में बढ़ोतरी के साथ-साथ घरेलू स्तर पर मांग में मजबूती के चलते आई है।

एचएसबीसी के सर्वे के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन के स्तर को दर्शाने वाला मैन्यूफेक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) 51.4 अंक के स्तर पर रहा। यह मार्च 2013 के बाद पीएमआई का सबसे ऊंचा स्तर है। एक माह पूर्व दिसंबर 2013 में यह 50.7 अंक पर था।
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इस तरह जनवरी में पीएमआई लगातार तीसरे माह 50 अंक से ऊपर रहा, जो कि इस सेक्टर में बढ़त या ग्रोथ को दर्शाता है। सूचकांक का 50 अंक से नीचे होना संकुचन की स्थिति को प्रदर्शित करता है।

एचएसबीसी के भारत व आसियान क्षेत्र के मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एस्केसेन का कहना है कि अच्छी तादाद में इंडस्ट्री को नए ऑर्डर मिलने से मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ जनवरी में और मजबूत हुई है।

उत्पादन के स्तर में बढ़त के साथ-साथ एक सकारात्मक बात यह भी है कि मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में लगातार चौथे माह रोजगार में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि महंगाई के दबाव के चलते जनवरी में मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर की उत्पादन लागत में भी इजाफा हुआ।

इस तरह लागत बढ़ने पर भी ग्रोथ में तेजी आना सेक्टर की सेहत के लिए काफी अच्छा संकेत है। एचएसबीसी का कहना है कि महंगाई का दबाव अब भी कायम है।

इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इस पर अंकुश के उपाय करने होंगे। गौरतलब है कि महंगाई का हवाला देते हुए आरबीआई गवर्नर ने पिछले सप्ताह मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी की है।

हालांकि रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने पर उद्योग जगत ने यह कहते हुए नाखुशी जाहिर की है कि दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 9.87 फीसदी पर रही, जोकि तीन माह का निचला था।

इसके साथ ही थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पांच माह के निचले स्तर 6.16 फीसदी पर रही। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर के अपने पांच फीसदी के अनुमान को घटाकर पांच फीसदी से कम कर दिया।
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आरबीआई ने मार्च 2014 के अंत तक महंगाई दर 8 फीसदी के आसपास बनी रहने का अनुमान जताया है।
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