दुनिया की 50 गतिशील अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारतीय अर्थव्यवस्था को 40वां स्थान मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की वित्तीय सलाहकार फर्म ग्रांट थॉर्नटन द्वारा तैयार की गई दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की इस सूची में सिंगापुर को पहले पायदान पर रखा गया है। हालांकि अर्थव्यवस्था के विकास (ग्रोथ) के मामले में भारत पांचवां स्थान मिला है। अर्जेंटीना, चीन, उरुग्वे और चिली इस मामले में भारत से ऊपर की पायदानों पर रखे गए हैं।
ग्रांट थॉर्नटन के मुताबिक ग्लोबल डायनमिज्म इनडेक्स (जीडीआई) के आधार पर भारत को सूची में 40वें स्थान पर रखा गया है। सर्वे के तहत इन अर्थव्यवस्थाओं गतिशीलता (डाइन्मिज्म) संबंधी 22 सूचकों के आधार पर जांचा-परखा गया था। अध्ययन में दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं का आकलन मुख्य रूप से पांच आधारभूत तत्वों के आधार पर किया गया है। इनमें उस देश में कारोबार चलाने का माहौल, आर्थिक विकास, विज्ञान और तकनीक, श्रम और मानव संसाधन और देश का वित्तीय माहौल प्रमुख हैं।
सूची में सिंगापुर के बाद फिनलैंड को दूसरा, स्वीडेन को तीसरा, इजरायल को चौथा, आस्ट्रिया को पांचवां, आस्ट्रेलिया को छठा, स्विट्जरलैंड को सातवां, कोरिया को आठवां, जर्मनी को नौवां और अमेरिका को दसवा स्थान मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जैसे उभरते हुए बाजार की अर्थव्यवस्था वाले देश हाल में आर्थिक सुस्ती से गुजरने के बावजूद मध्यम अवधि में दुनिया के अन्य देशों में की तुलना में ज्यादा तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। कारोबार चलाने के माहौल के लिहाज से भारत की रैंकिंग काफी खराब रही और सूची में इसे 46वां स्थान मिला। इसके अलावा वित्तीय माहौल के आधार पर भारत को 50 में से 43वें पायदान पर रखा गया है।