राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने देश की अर्थव्यवस्था की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए कहा कि ग्लोबल आर्थिक सुस्ती के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था अपने मजबूत आधारभूत ढांचे के दम पर आने वाले समय में मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
देश में बचत की दर काफी ऊंची है, हमारा सेवा क्षेत्र अभी विस्तार के दौर में है और हमारे पास हमारे पास एक विशालकाय मध्यम वर्ग है, जो देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाता आया है। इन ठोस आधारों के चलते आर्थिक चुनौतियों का सामना करना बहुत मुश्किल नहीं होगा।
योजना आयोग ने चेताया है कि ऐसा तभी होगा जब सरकार की ओर से नीतियों को सही ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि ‘नीतिगत अवरोध’ (पॉलिसी लॉगजाम) विकास दर को 5 से 5.5 फीसदी के निचले स्तर तक गिरा सकता है।
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने केवल आर्थिक विकास दर का अनुमान पेश करने परंपरागत चलन से आगे बढ़ते हुए कहा कि आर्थिक विकास काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि इसकी राह में बाधा बन रहे नीतिगत अवरोधों को हटाने की दिशा में कठिन फैसले लेने के बाबत सरकार की ओर से किस तरह का रुख अपनाया जाता है।
‘नीतिगत अवरोध’ स्थिति आने पर अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में फैसले लिए जाने की प्रक्रिया में बहुत धीरे कदम बढ़ाए जाते हैं। ऐसे में आर्थिक विकास दर लुढ़क कर पांच से 5.5 फीसदी के स्तर तक जा सकती है।