भारत को उम्मीद है कि अगले माह जेनेवा में शुरू हो रही डब्लूटीओ वार्ता में खाद्य भंडारण के मसले का समाधान निकल आएगा। जिससे व्यापार सुविधा समझौते (टीएफए) पर हस्ताक्षर की राह भी आसान होगी।
वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सितंबर में डब्ल्यूटीओ वार्ता होगी और हमें उम्मीद है कि इसमें खाद्य सुरक्षा के लिए सरकारी खाद्यान्न भंडारण के मसले का स्थायी समाधान निकलेगा। इस बाबत प्रस्ताव पहले से ही वहां हैं। इस संबंध में और प्रस्ताव भी आ सकते हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि भंडारण के मुद्दे पर हम संतोषजनक समाधान निकालने में सक्षम होंगे।
अधिकारी का कहना है कि भारत खाद्यान्न भंडारण के मुद्दे के स्थायी समाधान के अपने रुख पर कायम है। टीएफए को मंजूरी के लिए भारत ने इसे आवश्यक बताया है। भारत ने डब्ल्यूटीओ के सामने सभी विकल्प रख दिए हैं और खाद्य सुरक्षा के मसले पर एक माह के भीतर कोई न कोई समाधान निकल सकता है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण कह चुकी हैं कि भारत डब्ल्यूटीओ में उपभोक्ताओं और गरीब किसानों के हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। इसलिए, खाद्यान्न भंडारण मसले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। भारत के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के निर्बाध रूप से प्रभावी बनाने के लिए खाद्यान्न भंडारण मसले का स्थायी समाधान आवश्यक है।