भारत और वियतनाम ने 2020 तक 15 अरब डॉलर के द्विपक्षीय कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए दोनों देशों ने पर्यटन, वस्त्र, फार्मास्युटिकल और कृषि को द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन सागर में तेल एवं गैस ब्लॉक के लिए भी एक समझौते पर दस्तखत हुआ। मुमकिन है, इस समझौते का चीन के साथ रिश्तों पर बहुत अच्छा असर नहीं पड़ने जा रहा है।
दोनों देशों ने परस्पर सीधी उड़ान शुरू करने का भी निर्णय किया है। इसके साथ ही पेट्रोवियतनाम द्वारा फेवरेबल आधार पर ऑयल एवं नेचुरल गैस कॉरपोरेशन विदेश लिमिटेड (ओवीएल) को ऑफर किए गए तेल एवं गैस ब्लॉकों को विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ओवीएल के साथ हुए समझौते के मुताबिक पेट्रोवियतनाम ने तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन के लिए नए ब्लॉक दिए हैं।
ओवीएल वियतनाम में अपना विस्तार करने को इच्छुक है और पेट्रोवियतनाम ऑफर किए गए ब्लॉकों का मूल्यांकन कर रही है। इससे आने वाले दिनों में भारत और वियतनाम के बीच ऊर्जा क्षेत्र में संबंध मजबूत होंगे और भविष्य में दोनों देश इस क्षेत्र में अपने संबंधों को रफ्तार दे सकेंगे। ओवीएल और पेट्रोवियतनाम ने 20 नवंबर 2013 को हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने के मद्देनजर भारत के प्रधानमंत्री और वियतनाम की कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव की मौजूदगी में एक सहमति पत्र पर दस्तखत किए थे। पेट्रोवियतनाम ने तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन के लिए नए ब्लॉक दिए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय कारोबार में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। भारत अब वियतनाम का शीर्ष दस कारोबारी भागीदार है। भारत के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2012 में दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार 6.1 अरब डॉलर पहुंच गया था। 2013 के पहले नौ महीने के दौरान यह इससे पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 39 फीसदी बढ़ा था। भारत से निर्यात 31 फीसदी बढ़कर 2.1 अरब डॉलर जबकि वियतनाम से निर्यात 49 फीसदी बढ़कर 1.84 डॉलर तक पहुंच गया।
भारतीय कंपनियों के लिए वियतनाम निवेश के लिहाज से एक मुफीद देश बना हुआ है। वियतनाम की विदेशी निवेश एजेंसी से मिले आंकड़ों के अनुसार जून 2013 तक भारत के पास 25.22 करोड़ डॉलर की 73 निवेश परियोजनाएं थीं। यदि तीसरे देशों से भारतीय कंपनियों के निवेश शामिल किए जाएं, तो भारत के पास कुल 93.62 करोड़ डॉलर के पूंजी निवेश की 68 वैध परियोजनाएं हैं। भारतीय कंपनियां यहां तेल एवं गैस अन्वेषण, खनिज अन्वेषण एवं प्रोसेसिंग, चीनी उत्पादन, एग्रो-केमिकल्स और कृषि प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश कर रही हैं।
जेट एयरवेज और वियतनाम एयरलाइंस ने दोनों देशों में परस्पर अपना विस्तार करने के लिए एक समझौता किया है। इसमें दोनों कंपनियों के लिए कोड शेयरिंग की सर्विस शामिल है। इस साल 5 नवंबर से जेट एयरवेज अपनी मुंबई-बैंकाक उड़ान सेवा का विस्तार हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम तक करने की तैयारी में है। इसके अलावा, भारत के कौशल विकास, आंत्रपेन्योरशिप, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और वियतनाम की सोशलिस्ट रिपब्लिक के हो ची मिन्ह कम्यूनिस्ट यूनियन की केंद्रीय कमेटी के बीच भी सहमति पत्र पर दस्तखत हुए।