इफको ने अपने डीएपी और अन्य कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की कीमतों में 1,500 रुपये प्रति टन तक की कमी है। इससे उर्वरकों के दाम 50-75 रुपये प्रति बैग तक कम हो जाएंगे।
इफको के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डीएपी की कीमतों में 1,500 रुपये प्रति टन की कटौती की गई है। जिससे 50 किलो वाले डीएपी के एक बैग की कीमत 75 रुपये कम हो जाएगी।
इसी तरह, एनपीके पर 1,300 रुपये और एनपी पर 1,000 रुपये प्रति टन की कमी की गई है। इससे एनपीके के दाम प्रति बैग 65 रुपये और एनपी के प्रति बैग 50 रुपये कम हो जाएंगे।
उर्वरकों पर सब्सिड घटी
सरकार ने चालू वित्तवर्ष 2013-14 के लिए न्यूट्रीएंट आधारित उर्वरकों पर सब्सिडी में कटौती की है। इसके तहत विनियंत्रित न्यूट्रीएंट नाइट्रोजन, फास्फेट, पोटाश और सल्फर पर सब्सिडी की दरों में कमी की गई है। जिससे डीएपी, एमओपी और कॉम्प्लेक्स उर्वरकों पर सब्सिडी कम हो जाएगी।
इस फैसले से सरकार के सब्सिडी खर्च में करीब 5,000 करोड़ रुपये की कमी आएगी। वैश्विक बाजार में कीमतें घटने से सरकार ने सब्सिडी में कटौती का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल 2013 से प्रभावी हो जाएंगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बैठक में सब्सिडी में कटौती का यह फैसला किया। मंत्रिमंडल ने वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान फास्फेट और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों के लिए न्यूट्रीएंट आधारिक सब्सिडी (एनबीएस) की दरें निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
चालू वित्तवर्ष के लिए मंत्रिमंडल ने उर्वरक के पोषक तत्वों नाइट्रोजन, फास्फेट, पोटाश और सल्फर की एनबीएस दरें क्रमश: 20.87, 18.67, 18.33 और 1.67 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की हैं। इन दरों के अनुसार डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) पर सब्सिडी 12,350 और एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) पर 11,300 रुपये प्रति टन रह जाएगी। मंत्रिमंडल ने वैश्विक बाजारों में कीमतों आई गिरावट को देखते हुए यह फैसला किया है।
मंत्रिमंडल के इस फैसले से 2013-14 में पीएंडके उर्वरकों के लिए दी जाने वाली कुल सब्सिडी करीब 15 फीसदी कम हो जाएगी। यानी, सरकार को करीब 5,000 करोड़ रुपये सब्सिडी की बचत होगी। 2012-13 के लिए फास्फेट और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी के लिए 30,576.12 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया था।
इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की लागत में करीब 3,000 रुपये प्रति टन की कमी आई है। जिसे देखते हुए सरकार ने उर्वरकों पर सब्सिडी घटा ली है।
यदि सरकार इन उर्वरकों पर सब्सिडी नहीं घटाती को किसानों को इसका और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद थी। सरकार फॉस्फेट व पोटाश उर्वरकों पर एनबीएस नीति को अप्रैल 2010 से प्रभावी बना रही है।