भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने दावा किया है कि उनका भाई ‘ब्रेन डेड’ नहीं है।
दलबीर के अनुसार अब भी अगर सरबजीत को सही इलाज मिले तो वह होश में आ सकता है और बता सकता है कि पाकिस्तान की जेल में उसके साथ क्या क्या हुआ।
उन्होंने कहा कि सरबजीत का एक हाथ और एक आंख हिल रहे हैं और उसके शरीर का तापमान सामान्य है। उसे ‘ब्रेन डेड’ कहना गलत है।
पाकिस्तान से लौटने के बाद दरबीर ने कहा कि वहां के डॉक्टरों ने उनके साथ कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि जब भी मैंने अपने भाई की वास्तविक स्थिति जानना चाही तो उन्होंने इतना ही कहा कि हमारे काम में दखल मत दो। हमसे बहस मत करो।
दलबीर ने सवाल किया कि जब पाकिस्तान से मलाला (यूसुफजई) को इलाज के लिए लंदन भेजा जा सकता है तो सरबजीत को क्या नहीं? उन्होंने कहा कि मुझे सरबजीत का इलाज कर रहे डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है।
दलबीर की मांग है कि उनके भाई को पाकिस्तान से विदेश या फिर भारत भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वह गंभीर जरूर है, लेकिन ब्रेन डेड नहीं है क्योंकि वह अब भी चीजों को महसूस कर रहा है। जब हमने उसे छूआ था तो उसकी दाईं पलकें झपकी थीं।’
सरबजीत को कभी होश नहीं आएगा: पाकिस्तानी डॉक्टर
दलबीर की बातों के विपरीत लाहौर के जिन्ना अस्पताल में सरबजीत का इलाज कर रहे पाकिस्तानी डॉक्टरों ने बुधवार को कहा कि वह ‘नॉन रिवर्सिबल’ कोमा में चला गया है यानी अब उसे कभी होश नहीं आने वाला।
अस्पताल के सूत्र कह रहे हैं कि डॉक्टर उसे ‘ब्रेन डेड’ मान रहे हैं, लेकिन इसकी घोषणा नहीं कर रहे। यह घोषणा पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों और सरबजीत के परिवार के बाद ही हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार सरबजीत का दिल वेंटिलेटर की मदद से धड़क तो रहा है, लेकिन मस्तिष्क ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया है। यदि वेंटिलेटर हटा दिया जाए तो सरबजीत की सांसें बंद हो जाएंगी। लेकिन सरबजीत के परिवार की इजाजत और पाकिस्तान सरकार से पूछे बगैर वेंटिलेटर नहीं हटाया जा सकता है।