आईएफसीएल लिमिटेड अब सरकारी कंपनी बन गई है।
केंद्र सरकार ने आईएफसीएल लिमिटेड में अपनी 51.04 फीसदी तक बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने कुछ शेड्यूल्ड कॉमर्सियल बैकों से 10 रुपये कीमत वाले आईएफसीएल के 6,00,00,000 प्रेफेरेंशियल खरीदें हैं और इसके परिणामस्वरूप अपनी हिस्सेदारी 47.93 फीसदी से बढ़ा कर 51.04 फीसदी कर दी है।
कंपनी ने बीएसई को दी नियामकीय जानकारी में कहा है कि भारत सरकार की हिस्सेदारी बढ़ने के परिणामस्वरूप आईएफसीएल कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 2 (45) के प्रावधानों के तहत 7 अप्रैल, 2015 से सरकारी कंपनी बन गई है।
केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 1948, को पहले डिवेलपमेंट फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन के रूप में इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया था। आईएफसीएल को रिजर्व बैंक के संवैधानिक तरलता अनुपात या एसएलआर के जरिए कम लागत वाले फंडों तक पहुंच मुहैया कराई गई थी।