अमेरिका ने मंगलवार को पाकिस्तान के साथ करीब 5924 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। इसके तहत लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मिसाइल और दूसरे रक्षा उपकरण पाकिस्तान को बेचे जाने की योजना है।
अमेरिका ने इस रक्षा सौदे को पाक को आतंकवाद के खात्मे में मदद करने के लिए मंजूर किया है। अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि इस सौदे से क्षेत्रीय रक्षा संतुलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि पाक-अमेरिका का यह सौदा भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
पाक सेना इन उपकरणों का उपयोग भारत के खिलाफ भी कर सकता है। सुरक्षा सचिव सहयोग एजेंसी ने एएच-1 जेड वाइपर लड़ाकू हेलीकॉप्टर, एजीएम-114आर हेलफायर मिसाइलें और दूसरे सहायक उपकरण पाक को बेचने के प्रस्ताव को अब कांग्र्रेस के पास भेजा है। एजेंसी ने कहा कि इससे पाक को आतंकवाद से लड़ने में मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही इससे एजेंसी को दक्षिण एशिया में आतंकवादी विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगने की भी उम्मीद है। इससे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।
पाकिस्तान ने अमेरिका से 15 एएच-1जेड हेलीकॉप्टर, एक हजार एजीएम-114आर हेलफायर मिसाइलें, 32 401सी इंजन और कंप्यूटर समेत अन्य उपकरणों की मांग की थी। एजेंसी ने बताया कि ये रक्षा उपकरण पाक को अधिक ऊंचाई पर और किसी भी तरह के मौसम में लड़ने में मदद करेगी। इनका उपयोग सेना दिन-रात कर सकेगी। यह सौदा पांच साल के अंतराल पर पूरा किया जाएगा। इसके तहत अमेरिका तकनीकी सहयोग के साथ ही पाक सेना को प्रशिक्षण भी देगा। दिसंबर में पेशावर स्कूल में आतंकियों द्वारा 150 से भी ज्यादा लोगों की हत्या करने के बाद पाक ने आतंकियों का सफाया करने का अभियान तेज किया है।