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आयकर रिटर्न भरने जा रहे हैं तो जरूर जान लें ये नए नियम

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काले धन पर अंकुश लगाने के लिए आयकर विभाग इन दिनों कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गया है। लगता है आयकर विभाग ऐसे लोगों को ज्यादा परेशान करेगा जो रिटर्न भरते हैं।
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विभाग ने तय किया है कि असेसमेंट वर्ष 2015-16 के दौरान रिटर्न भरने वालों से उनके सभी बैंक खातों की जानकारी पूछी जाएगी। यही नहीं, यदि रिटर्न दाखिल करने वाले ने एक साल पहले किसी अन्य देश की यात्रा की है तो उसके बारे में भी सभी जानकारी देनी होगी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। गौरतलब है कि देश की कुल आबादी में से महज 3 फीसदी लोग ही रिटर्न दाखिल करते हैं।
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सीबीडीटी की अधिसूचना संख्या 41 में असेसमेंट वर्ष 2015-16 के लिए आयकर रिटर्न फार्म- आईटीआर-1, आईटीआर-2 और आईटीआर -4एस को अधिसूचित किया है। आयकर विभाग ने सभी रिटर्न भरने वालों को सभी तरह के बैंक खाते की पूरी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है।

अब सभी बैंक खातों का विवरण दीजिए

विभाग ने स्पष्ट किया है कि चाहे खाता चल रहा हो या बीते वर्ष बंद करवा दिया गया हो, सबकी जानकारी देना अनिवार्य है। यदि किसी रिटर्न भरने वाले व्यक्ति का पति/पत्नी/मां/पिता/बेटा/बेटी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त खाता हो, तो भी सूचना देना अनिवार्य है।

इसमें बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, बैंक की शाखा कौन सी है, उसका आईएफएससी कोड, संयुक्त खातेदार कौन हैं, जैसी जानकारी देनी होगी। यदि रिटर्न भरने वाले का कोई मियादी जमा खाता (फिक्स्ड डिपोजिट) आवर्ती जमा खाता या ऋण खाता है, तो उसकी भी जानकारी देनी होगी।

इस वर्ष अधिसूचित सभी तरह के रिटर्न फार्म में आधार संख्या का कॉलम भी रखा गया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रख कर फिलहाल इसे अनिवार्य नहीं किया गया है लेकिन आयकर अधिकारी इसमें करदाताओं को आधार संख्या भरने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
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विदेश यात्रा की है तो वह भी बताइए

वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान जिस करदाता ने किसी अन्य देश की यात्रा की है, उन्हें भी इस बार आयकर रिटर्न फार्म में कुछ विशेष जानकारी देनी होगी। सीबीडीटी ने निवासी और गैर निवासी, दोनों किस्म के करदाताओं के लिए विदेश यात्रा की विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है।

आयकर रिटर्न फार्म में पासपोर्ट संख्या, यह कहां से जारी हुआ है, किस देश की यात्रा की गई है, कितनी बार यात्रा हुई है, वहां कितना खर्च हुआ है आदि की जानकारी इस बार देनी होगी।

आय कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस समय देश में करीब चार करोड़ लोग रिटर्न फार्म भरते हैं, जो कि देश की कुल आबादी का महज तीन फीसदी बैठता है। इसका मतलब है कि देश की 97 फीसदी आबादी के बारे में आयकर विभाग को कोई जानकारी नहीं है।
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