यदि आपने बैंकों से कर्ज ले रखा है और उसे चुकाने में लापरवाही बरत रहे हैं, तो आपको बैंक परेशानी में डाल सकते हैं।
पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बढ़ता एनपीए बैंकों के लिए चिंता का विषय है।
ऐसे में सख्त निर्देश हैं कि बैंक रिकवरी की प्रक्रिया में तेजी लाएं, जिसे देखते हुए कर्ज न चुकाने वाले ग्राहकों की संपत्ति को जब्त कर रिकवरी की जा सकती है।
बैंक डूबते कर्ज को रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन करने की कवायद कर रहे हैं। इसके तहत रिकवरी पर उनका प्रमुख रूप से जोर है।
साथ ही बैंक अब कॉरपोरेट ग्राहकों से लेकर रिटेल ग्राहकों सभी तरह के डिफॉल्टरों की सूची अखबारों में प्रकाशित करा रहे हैं।
इंडियन बैंक के अधिकारी के अनुसार कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ रिटेल लोन लेने वाले ग्राहक भी सख्ती के दायरे में हैं।
इसके तहत डिफॉल्ट करने वाले ग्राहकों की सूची जारी करने के साथ-साथ सारफेसी एक्ट के तहत रिकवरी पर भी जोर है।
बैंक रिकवरी के तहत जहां होम लोन डिफॉल्ट में घरों और वाहन लोन डिफॉल्ट होने पर वाहनों की रिकवरी करेंगे। इसके अलावा, बैंक कॉरपोरेट लोन में कारोबारी की गिरवी रखी संपत्ति को जब्त करने की कवायद कर सकते हैं।
बैंकों में बढ़ते डिफॉल्ट को देखते हुए वित्त वर्ष 2012-13 में देश के प्रमुख बैंकों के कुल एनपीए में 51 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा चालू वित्त वर्ष में भी रिस्ट्रक्चरिंग के मामले बैंकों में तेजी से बढ़े हैं। इसे देखते हुए बैंक अब कर्ज वसूली में सख्ती पर जोर दे रहे हैं।