केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग में कानूनी विवादों की निस्तारण प्रणाली में तेजी लाने के लिए 240 से अधिक नए कमिश्नर (अपील्स) पदों का सृजन किया है। कानूनी मुकदमेबाजी के चलते करीब 4 लाख करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व अटका है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल ही में विभाग में 243 कमिश्नर आईटी (अपील्स) पदों का सृजन किया गया है। यह पद मौजूदा समान 360 पदों के अतिरिक्त होंगे। इनकी नियुक्ति आयकर कैडर के आईआरएस अधिकारियों की स्थिति में की जाएगी।
सीबीडीटी आयकर विभाग की शीर्ष नीति-निर्धारक संस्था है। सीबीडीटी ने कानूनी विवादों को निपटाने वाली विंग को बेहतर बनाने के चरणबद्ध कदम उठाए हैं। विभाग के इस विंग की आलोचना न केवल अदालतों से हुई बल्कि सीएजी की रिपोर्ट में इस पर सवाल उठाए गए। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया इन नए अधिकारियों की नियुक्ति जल्द ही कर दी जाएगी। इनके चालू वित्त वर्ष के भीतर ही कार्य शुरू कर देने की उम्मीद है।
यदि आयकरदाता आईटी डिमांड के खिलाफ अपील करना चाहता है, तो शिकायत निपटान के लिए उसे सबसे पहले सीआईटी (अपील्स) कार्यालय में संपर्क करना होता है। इस कार्यालय में शिकायतों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सीबीडीटी ने हाल ही में आयकर विभाग की मौजूदा कानूनी विवाद निस्तारण प्रणाली की दक्षता जांचने के लिए एक छह सदस्यीय पैनल समिति का गठन किया था।