केंद्रीय कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे थे कि नई सरकार आने के बाद कम से कम उनका पचास फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) मूल वेतन में मर्ज कर दिया जाएगा लेकिन इस मामले में मोदी सरकार से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
हां इतना जरूर हुआ कि डीए 100 फीसदी पहंचने के बाद उन्हें मिलने वाले तमाम भत्तों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई। साथ ही केंद्रीय विभागों में संचालित कैंटीनों में तैनात कर्मचारियों को भी इस लाभ के दायरे में लाते हुए उनकी वर्दी का धुलाई भत्ता भी 25 फीसदी बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया।
गौरतलब है कि कर्मचारियों की मांग है कि सरकार पचास फीसदी डीए को मूल वेतन में मर्ज किया जाए।
केंद्रीय कर्मचारियों का सपना टूटा
बता दें कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई थी कि जब कर्मचारियों का डीए 50 फीसदी पहुंचेगा तो उसे मूल वेतन में मर्ज करने के बजाय कर्मचारियों को मिलने वाले तमाम भत्तों में 25 फीसदी की वृद्धि कर दी जाएगी।
इसके बार हर बार 50 फीसदी डीए बढ़ने पर भत्तों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। केंद्रीय कर्मचारियों को वर्तमान में 100 फीसदी डीए मिल रहा है, सो सभी कर्मचारियों के भत्तों में अब तक दो बार 25-25 फीसदी की वृद्धि कर दी गई है।
इनमें यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, शिशु शिक्षा भत्ता, ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी के कर्मचारियों की वर्दी का धुलाई भत्ता, साइकिल भत्ता, कन्विंस एलाउंस, स्प्लिट ड्यूटी एलाउंस, चाइल्ड केयर एलाउंस, हिल एरिया एलाउंस, रिमोट लोकल्टी एलाउंस, स्पेशल एलाउंस, आईलैंड स्पेशल ड्यूटी एलाउंस, प्रोजेक्ट एलाउंस, ट्राइबल एलाउंस, हार्ड एरिया एलाउंस, बैड क्लाइमेट एलाउंस शामिल हैं लेकिन अब तक केंद्रीय विभागों में संचालित कैंटीनों में तैनात कर्मचारियों की वर्दी का धुलाई भत्ता इस लाभ के दायरे से बाहर था।
25 फीसदी की बढ़ोत्तरी पर्याप्त नहीं
अब कैंटीन कर्मियों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। साथ ही भत्ते को भी दोगुना कर दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मियों को अब 30 के बजाय 60 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से धुलाई भत्ता मिलेगा।
साथ ही उन्हें यह लाभ एक सितंबर 2008 से दिया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान में 100 फीसदी डीए मिल रहा है, इसलिए दो बार 25-25 फीसदी (15-15 रुपये) की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
यानी उन्हें अब कुल 90 रुपये धुलाई भत्ता मिलेगा। सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी का कहना है कि महंगाई के इस दौर में भत्तों में सिर्फ 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी पर्याप्त नहीं है। सरकार को केंद्रीय कर्मियों की मांग पूरी करते हुए पचास फीसदी डीए मर्जर करना चाहिए।