विश्व भर में भारत अरबपतियों के मामले में छठे नंबर पर है। भारत के अंदर फ्रांस, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड और हांगकांग से अधिक अरबपति हैं। सबसे ज्यादा अमीर लोगों वाले देशों में भारत छठे नंबर पर है।
देश की वित्तीय राजधानी मुबंई में ही 30 अरबपति हैं। मुंबई ‘अरबपतियों के शहर’ की सूची में वैश्विक में पहले पांच शहरों में है। इस सूची में न्यूयार्क शीर्ष स्थान पर है जहां 96 अरबपति हैं।
विश्व के पांच शहरों में अमेरिका के बाद हांगकांग, मास्को और लंदन में क्रमश: 75, 74 और 67 अरबपति रहते हैं।
भारत में जुलाई 2012 से जून 2013 के बीच अरबपतियों की संख्या घटी है लेकिन 103 अरबपतियों के साथ शीर्ष देशों की सूची में छठे स्थान पर है।
इस सूची में सबसे ऊपर अमेरिका हैं जहां 515 अरबपति रहते हैं और यह तादाद चीन के 157 अरबपतियों के मुकाबले तिगुनी है।
वेल्थ-एक्स और यूबीएस अरबपति जनगणना की रिपोर्ट 2013 के मुताबिक भारत के अरबपतियों की तादाद 5.5 फीसदी घटकर 103 रह गई और अरबपतियों की कुल संपत्ति 10 अरब डॉलर घटकर 180 अरब डॉलर रह गई।
वैश्विक स्तर पर 2013 में 2,170 अरबपति हैं जिनकी शुद्ध सम्पत्ति 6,500 अरब डॉलर के बराबर है। यह राशि अमेरिका और चीन को छोड़कर अन्य देशों के सकल घरेलू उत्पाद से अधिक है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय अरबपतियों में 72 प्रतिशत के पास कम से कम स्नातक की डिग्री है। सिर्फ स्विट्जरलैंड और अमेरिका दो अन्य देश हैं जहां विश्वविद्यालय स्तर के शिक्षा प्राप्त अरबपतियों का अनुपात भारत से ऊंचा है।
भारत में अरबपतियों की शुद्ध सम्पत्ति औसतन 1.7 अरब डॉलर है और उनमें से आधे अपने दम पर अरबपति बने हैं। भारत में अरबपतियों की औसत उम्र 63 साल है और उनमें से ज्यादातर पुरूष हैं।